Tuesday, 15 December 2015

31वां सृजन सम्मान : सुधाकर पाठक



कल दिनांक 13 दिसंबर को उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब द्वारा दिया जाने वाला प्रतिष्ठित 31 वा सृजन सम्मान मुझे  प्रदान किया गया।  इससे पहले यह सम्मान विष्णु सक्सेना सीता सागर समेत शीर्ष साहित्यकारों को मिल चुका है। इस अवसर पर सृजन संस्था के संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश अस्थाना उ प्र प्रेस क्लब के सचिव जे पी तिवारी सृजन संयोजक अभय सिंह निर्भीक सह संयोजक क्षितिज उपेन्द्र की गरिमामय उपस्थिति रही। देवरिया के लाल सिद्धांत दीक्षित को युवा सृजन सम्मान प्रदान किया। सम्मान समारोह के पश्चात् हुए कविसम्मेलन अद्भुत था।इतना अनुशासित और परिपक्व काव्य पाठ मैंने शायद ही कभी देखा हो। सम्मेलन की पुर्णाहुति हिन्दी की श्रेष्ठ हस्ताक्षर सीता सागर के गीत समिधा से हुआ।




Monday, 14 December 2015

अब जीना चाहता हूँ

ऐ जिंदगी ! 
तेरी मर्ज़ी से तो 
बहुत जी लिए हम 
अब कुछ देर मेरे पास बैठ
और मेरी बात सुन्
अब तक सर झुका कर माना है
तेरा हर हुक्म और बस्
तेरे ही बताये रास्ते पर
चला हूँ हर कदम
समाज,धर्म,गुरु,ईश्वर
रिश्ते-नाते और परिवार
सब मिले हैं विरासत में
साथ ही मिले हैं
उनके साथ चलने को
दम-घोंटू नियम
इन ‘नियम-कायदों’ को
उसूल बना कर पूजा है ता उम्र
भावनाओं की आड़ में
छला गया हूँ बहुत बार
खुद को मिटा कर
तेरे हर इम्तिहान को
पास किया है अव्वल
और ना चाहते हुए भी
तेरी शर्तों पर
जिया है पूरा जीवन
पर अब
जीना चाहता हूँ
अपने जीवन को भरपूर
जहाँ मेरा जीवन मेरा हो
सिर्फ मेरा,
मेरी सफलता-असफलता
खुद की हार-जीत
मेरे मानदंडो की कसौटी पर कसा
सिर्फ और सिर्फ
‘मेरा जीवन’
....................सुधाकर पाठक
(‘मेरा जीवन’ कविता का अंश)

‘हिन्दुस्तानी भाषा साहित्य समीक्षा सम्मान – 2015’ हेतु प्रविष्टियों का आमंत्रण

प्रिय पाठकगण,

वाणी फ़ाउंडेशन एवं हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में समकालीन साहित्य समीक्षा के क्षेत्र में समीक्षकों की भागीदारी व प्रोत्साहन हेतु पुरस्कार घोषित किया जा रहा है I

हिन्दुस्तानी भाषा साहित्य समीक्षा सम्मान – 2015
सम्मान राशि – 11000/-
सम्मान पत्र एवं शाल

वित्तीय वर्ष 2015-16 में कवि सुधाकर पाठक के नवीनतम कविता संग्रह जिंदगी.....कुछ यूँ ही” प्रकाशक वाणी प्रकाशन, 221-ए,दरियागंज, नई दिल्ली – 110002  से पुस्तक क्रय कर नव कविता की कसौटी पर कवि सुधाकर पाठक की कृति पर लगभग 1000 शब्दों का समीक्षात्मक आलेख लिखना होगा I

यह आलेख 31 दिसम्बर, 2015 तक vaniprakashan@gmail.com पर अथवा डाक द्वारा वाणी प्रकाशन, 221-ए, दरियागंज, नई दिल्ली – 110002 पर भेजा जा सकता है I पुरस्कार का निर्णय तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा 15 जनवरी, 2016 तक कर दिया जाएगाI

उपरोक्त पुरस्कार दिल्ली में एक भव्य समारोह में वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति में प्रदान किया जाएगा I
पुरस्कृत रचनाकारों को दिल्ली आने-जाने का रेल का किराया तथा एक दिन दो रात रुकने की सुविधा भी दी जाएगी I

पुस्तक समीक्षा हेतु प्राप्त प्रविष्टियों में से क्रमशः श्रेष्ठ दस समीक्षाओं को एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाना भी प्रस्तावित है


            वाणी फ़ाउंडेशन, नई दिल्ली                                            हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी